जांच में यह सामने आया है कि पीएफआई ने 1 साल में करीब 120 करोड़ रुपये का फंड जुटाया है. इसके अलावा करीब 240 करोड़ कैश के तौर पर इकट्ठा किया है.
केंद्र सरकार ने पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर 5 साल के लिए बैन लगा दिया है. एनआईए और ईडी की छापेमारी में आतंकी कनेक्शन का खुलासा होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है. इस फैसले को लेकर खूब राजनीति हो रही है. कुछ पार्टियां इस फैसले का समर्थन कर रही हैं तो वहीं कुछ पार्टियाें को इस फैसले पर आपत्ति है. कांग्रेस सांसद के सुरेश के बाद लालू प्रसाद ने इस फैसले के बहाने आरएसएस को निशाने पर लिया तो वहीं जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने इस प्रतिबंध पर ही सवाल खड़ा कर दिया. वहीं, ओवैसी ने भी कार्रवाई पर आपत्ति जताई है.











