कहते हैं कि मुख्य मुलजिम अगर एजेंसी की पकड़ में आ जाए तो मामले की गुत्थी तुरंत सुलझ जाती है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी मामले में उल्टा ही हो रहा है. एसीबी की टीमें विधायक के लाल डायरी वाले तक पहुंचने की जद्दोजहद से जूझ रही हैं.
पहले प्रवर्तपन निदेशालय (ईडी) द्वारा दिल्ली राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया जाना. फिर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी द्वारा दिल्ली के डिप्टी सीएम शिक्षामंत्री की कथित नाकाम घेराबंदी की कोशिश. उसके तुरंत बाद अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी के चर्चित विधायक अमानतुल्लाह की गिरफ्तारी. मतलब इन दिनों आम आदमी पार्टी के कर्ता-धर्ताओं को केंद्रीय जांच एजेंसियां मानो सोचने-समझने का मौका ही देने को राजी नहीं है. एक के बाद एक ताबड़तोड़ चार-चार दावों में अगर देखा जाए तो, केंद्रीय व स्थानीय एजेंसियों का सबसे मजबूत दांव सत्येंद्र जैन और आप विधायक अमानतुल्लाह के ऊपर पड़ा है.











