कौशाम्बी- नेवारी गांव में भी वही हाल सड़कों में गंदा भरा गंदा पानी,कीचड़ का बना जमाव
गरीब पात्रों को नही मिला प्रधानमंत्री आवास, कच्चे गारे घर मे पन्नी डालकर रहने को बेबस-
करारी- मंझनपुर विकाश खण्ड के नेवारी गांव में जिस कदर गंदगी फैली हुई है किसी से छिपा नही है गांव में प्रवेश करते ही सड़कों में गंदा पानी का जलभराव है, निरन्तर जलभराव के चलते कीचड़ का भी जमाव बना हुआ है! जिससे ग्रामीण लोगों को बाइक से निकलना तो दूर पैदल निकलना भी मुहाल है, छोटे छोटे बच्चों व बुज़ुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है व कभी कभी गिर कर चोटिल भी होते रहते है ! सरकार के लाख कोशिश व इतने पैसे खर्च करने के बावजूद भी गांव में सुधार क्यों नही हो पा रहा है व नेवारी गांव मूलभूत सुविधाओं से क्यों कोसों दूर है यह जांच का विषय है? अगर निष्पक्ष जांच हुई तो जिम्मेदारों पर गाज गिरना तय है!
नेवारी गांव में आज भी गरीब पन्नी डालकर कच्चे गारे घर में रहने को बेबस, आखिर कब गरीबों पक्के घर की छत होगी नसीब-
सरकार की मंशा यही है कि हर वर्ग के गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास मुहैया कराया जाए जो निहायत गरीब है, किन्तु नेवारी गांव के प्रधान व सेक्रेटरी उनकी सारी मंशा को ताक पर रखकर उनको आवास मुहैया नही कराते है ! बल्कि जिनके पास ऑलरेडी पक्के घर मौजूद है, उनको कराते है, नेवारी गांव में आज भी ऐसे गरीब है जिन्हें आज तक कोई भी आवास नही मिल सका, आज भी कच्चे गारे का घर बनाकर पन्नी डालकर रह रहे है, उन्हें आज तक कोई भी आवास नही मिल सका जिससे सरकार की व्यावस्था पर बड़ा सवाल है! शौचालय की बात करें तो आज भी कुछ ऐसे लोग है जिन्हें आज तक शौचालय मिला ही नही और जिन्हें मिला भी तो उनका आज तक कंपलीट नही कराया गया जिससे ग्रामीण लोग आज भी खुले में शौच को जाने को मजूबर है! जिले के मुखिया आखिर कब इन इन गरीबों की समस्याओं का संज्ञान लेंगे कब निष्पक्ष जांच करवाएंगे जिससे गरीब लोगों को आसानी से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सके, व पक्के बने घर मे अपने बच्चों व परिवार के साथ खुशहाल से रह सके ! अब देखना यह होगा कि क्या नवागत डीएम महोदय नेवारी गांव के गरीब लोगों की समस्याओं को गंभीरता से संज्ञान लेकर जिम्मेदारों की निष्पक्ष जांच करवाएंगे व गरीब पात्रों को आवास दिलवायंगे? नवागत डीएम से गरीब लोगों को काफी उम्मीदें है!











