मुकुल रोहतगी ने बीबीसी से हुई बातचीत में इस ख़बर की पुष्टि की है.
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केंद्र सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. मैं इस पद के लिए अपने नाम पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार का शुक्रगुजार हूं. मैं अभी इस पद पर नहीं बैठना चाहता. मैंने इस पद को ग्रहण करने में अपनी लाचारी जता दी है.’’
अब से क़रीब एक पखवाड़े पहले ख़बर आई थी कि उन्हें मौजूदा अटाॅर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की जगह देश का नया अटाॅर्नी जनरल बनाया जा रहा है.
2017 से यह पद संभाल रहे केके वेणुगोपाल का कार्यकाल 30 सितंबर को ख़त्म होने वाला है.
मुकुल रोहतगी इससे पहले 2014 में देश के 14वें अटाॅर्नी जनरल बनाए गए थे. उन्हें मोदी सरकार बनने के बाद 3 साल के लिए जून 2014 में इस पद पर बिठाया गया था.
वाजपेयी सरकार के समय उन्हें 1999 में देश का एडिशनल साॅलिसिटर जनरल भी बनाया गया था.










