इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने बजट दिया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल युवाओं को राज्य स्तर पर चयन होगा। चयन के लिए निजी एजेंसी की मदद ली जाएगी। इनकी आर्हता और मानदेय को लेकर अंतिम फैसला होना है लेकिन इसमें परास्नातक और प्रबंधन की डिग्री समेत जिलों में काम कर चुके लोगों को वरीयता दी जाएगी। ये फेलोशिप चार साल के लिए होगी। इसके पीछे मंशा है कि नियुक्त किए जाने वाले ये युवा निपुण भारत के मानकों पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी समेत विभागीय अधिकारियों के साथ काम करेंगे और राज्य परियोजना निदेशालय को रिपोर्ट करेंगे।

पढ़ाई की बेहतरी के लिए करेंगे काम
ये ब्लॉक की शैक्षणिक प्रगति का डाटा रखेंगे और सभी मासिक बैठकों को डाटा के आधार पर संचालित करवाएंगे। इसके अलावा एआरपी व शिक्षक संकुल को लगातार प्रोत्साहन करते हुए उनकी मदद करेंगे कि अकादमिक दृष्टिकोण से उन्हें किन चीजों पर ध्यान रखना है। इसके साथ ही राज्य स्तरीय निर्देशों का पालन करना, ब्लॉक में होने वाले थर्ड पार्टी मूल्यांकन में एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित करना, दीक्षा रीड एलांग ऐप और निपुण भारत अभियान के लिए जनजागरूकता अभियान को स्थानीय जरूरत के हिसाब से प्लान करना होगा।
आकांक्षी ब्लॉक के लिए भी चल रही है फेलोशिप योजना
इससे पहले 100 आकांक्षी विकासखण्डों के लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना की शुरुआत की गई है। इसमें चयनित युवाओं द्वारा अपने आवंटित ब्लॉकों में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा और योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों के निराकरण और योजनाओं से जनमानस को अपेक्षित लाभ पहुंचाने के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे।











