कौशांबी OPERATION WHITE COAT
अभी खुलासा शुरू भी नहीं हुआ था… और सिस्टम के मुँह पर एक और तमाचा लग गया
कौशांबी में OPERATION WHITE COAT पर हमारी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक भी नहीं हुई थी, फाइलें खुल ही रही थीं, परतें उधड़ ही रही थीं—कि मेडिकल कॉलेज के ठीक पास स्थित एक निजी अस्पताल से ऐसी खबर आ गई जिसने शासन–प्रशासन की नींद उड़ानी चाहिए।

वही अस्पताल, वही कहानी, वही अंत
सौरई खुर्द निवासी प्रदीप कुमार अपनी पत्नी मंगीता देवी (25 वर्ष) को शनिवार शाम पेट दर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित उसी निजी अस्पताल लेकर पहुँचे।
डॉक्टरों ने कहा—“प्रसव का समय है, सिजेरियन करना पड़ेगा।”
30 हजार रुपये तय हुए, पैसे जमा कराए गए, ऑपरेशन शुरू हुआ।
इसके बाद जो हुआ, वह इलाज नहीं—लापरवाही की पाठशाला थी।
ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।
परिजनों का आरोप है कि समय रहते कोई नियंत्रण नहीं किया गया।
न न तो विशेषज्ञ मौजूद थे, न आपात व्यवस्था।
नतीजा—मां की मौत, नवजात की मौत।
मौत के बाद इलाज नहीं—भागने की तैयारी
आरोप इससे भी ज़्यादा संगीन हैं।
परिजनों के मुताबिक, मौत होते ही डॉक्टर और स्टाफ ऑपरेशन थिएटर से निकलकर अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।
पीछे छूट गया एक परिवार—बिना जवाब, बिना जानकारी, बिना इंसाफ।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया—
अस्पताल में ताला लगवाया गया, नोटिस चस्पा किया गया।
लेकिन सवाल यह है कि
👉 नोटिस मौत के बाद क्यों?
👉 ताला दो ज़िंदगियाँ जाने के बाद क्यों?
सवाल जो सीधे शासन–प्रशासन के दरवाज़े पर दस्तक दे रहे हैं
- मेडिकल कॉलेज के पास होने के बावजूद रक्त और विशेषज्ञ की व्यवस्था क्यों नहीं थी?
- यह अस्पताल किस अनुमति, किस निरीक्षण, किस जिम्मेदारी पर चल रहा था?
- पहले भी अगर शिकायतें थीं, तो उन्हें दबाया किसने?
- और अगर सब कुछ “नियमों के तहत” था, तो हर बार लाशें ही क्यों निकलती हैं?
यह इत्तेफ़ाक़ नहीं, यह पैटर्न है
हम साफ़ शब्दों में कह रहे हैं—
यह एक घटना नहीं है। यह एक पैटर्न है।
और यही पैटर्न OPERATION WHITE COAT में उजागर होने वाला है।

👉 आज अस्पताल पर ताला लगा है,
👉 कल फाइलें खुलेंगी,
👉 परसों नाम सामने आएँगे,
👉 और फिर यह सवाल बचेगा—
क्या यह सब बिना सिस्टम की जानकारी के हो रहा था, या सिस्टम की छाया में?
⚠️ ध्यान रखिए:
यह तो सिर्फ़ एक खबर है।
असली खुलासा अभी बाकी है।
OPERATION WHITE COAT रुका नहीं है—
और जब पूरा सच सामने आएगा,
तो कौशांबी की तस्वीर बदल जाएगी।
Mohammad Ahmad
UP Head satya loktantra National Newspapers
Editor in Chief
Indian news 20










